Translate

Showing posts with label pimples mitayen neem ki pattiyan. Show all posts
Showing posts with label pimples mitayen neem ki pattiyan. Show all posts

Apr 29, 2021

रात के समय नीम कौन सी गैस छोड़ता है? नीम बेनिफिट्स

" नीम एक और गुण अनेक " वाली कहावत तो आपने सुनी होगी | नीम घरेलु औषद्धि के रूप उपयोग होने वाला रामबाण है | शरीर में चर्म रोग ( charm rog ka ilaj )  के आलावा इसके छाल और पत्ते से कई तरह के रोगों को दूर ( neem ke fayde in hindi ) किया जाता है | आज इस पोस्ट में आपको  नीम से निकलने वाली गैस के बारे में बताने  वाले हैं  | हमारे पाठकों द्वारा कई बार इस तरह का सवाल पूछा  गया है | खास कर पाठकों के द्वारा पूछा गया कि , नीम रात  समय कौनसी गैस छोड़ता है ? ( Rat ke samay Neem kaunsi Gas Chhodta hai ?  ) इस पोस्ट में  नीम के द्वारा रात दिन छोड़ी जाने वाली गैस और नीम के उपयोग और लाभ के बारे में भी चर्चा करेगें | 

neem ke ped ke fayade kya hain rat ke samay neem kaunsi gas chhodata hai
neem ka ped

नीम से रात के समय कौनसी गैस निकलती है ?

कई बार पाठकों के द्वारा पूछा गया, कि नीम रात के समय कौनसी गैस देता है? पाठकों के पूछने पर हमने पोस्ट के लिए जानकारी इकट्ठी की, तो जानकारी हैरान कर देने और चौकाने वाली थी | इंटरनेट और आयुर्वेद के जानकारों से बात कर मालूम हुआ, कि दिन के समय नीम ऑक्सीजन ( प्राण-वायु ) और रात के समय कार्बनडाई-ऑक्साइड गैस छोड़ता है | 

क्या नीम के नीचे रात के समय सोना चाहिए ? 

हरियाली का मानव जीवन में बहुत महत्त्व है|  हरे पेड़ पौधे ऑक्सीजन तो देते ही हैं, साथ ही घरों की सोभा भी बढ़ाते हैं | ग्रामीण क्षेत्रों के घरों में नीम का पेड़ अक्सर देखने को मिल जाता है | जहाँ रात के समय लोग नीम पेड़ के नीचे सो जाते है | जैसा की आपको पता है, नीम रात के समय कार्बनडाई-ऑक्साइड गैस छोड़ता है, जो हमारे स्वस्थ  लिए हानिकारक है | अतः रात के समय नीम के पेड़ के नीचे नहीं सोना चाहिए | 

नीम का उपयोग वास्तु दोष मैं 

नीम का उपयोग  चिकित्सा के लिए तो किया जाता ही है , साथ ही आपको बतादें की नीम का पौधा घर पर लगाना भी शुभ माना जाता है | नीम के पेड़ में देवी और देवताओं का वास माना जाता है | इसकी  पूजा करने से शनि की कुद्रष्टि से बचा जा सकता है | नीम के पेड़  की पूजा करने और नीम की माला पहने से शनिदेव की कृपा बनी रहती है | पुराणों के अनुशार नीम के पौधे का उपयोग चिकित्सा के लिए युगों-युगों से किया जाता रहा है | इस पौधे पर  बजरंगवली और माँ दुर्गा का वास भी माना जाता है |
    वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के दक्षिण भाग में नीम का पेड़ लगाने से , स्वास्थ्य पर अनुकूल प्रभाव होता है। नीम के पेड़ पर दैवी शक्तियों का वास माना जाता है। नीम के पौधे लगाने से पितरों की भी कृपा प्राप्त होती है, इससे पितृ दोष का प्रभाव दूर होता है 

नीम का उपयोग चिकित्सा में - 

नीम का उपयोग त्वचा के लिए 

 नीम का औषधि के रूप में उपयोग बहुत ही फायदेमंद है | नीम के फल , फूल , छाल और पत्तियाँ सभी औषद्धिक रूप में उपयोग किये जाते हैं |  त्वचा संबंधित बिकार के लिए  नीम की पत्तियों को गरम पानी में उबालकर नहाने से त्वचा से सम्बंधित रोगों में राहत मिलती है | 

यह भी पढ़े - 

खून साफ करने में 

मनुष्य के खून में कई तरह के विकार उत्पन्न होने के बाद, कई तरह की बीमारी पैदा होती हैं |  रक्त साफ करने के लिए नीम की हरी नई पत्तियों का रस निकाल कर पीने से रक्त साफ़ होता है | 

        नीम का उपयोग कई तरह की बीमारियों को दूर करने के लिए किया जाता है | नीम तेल और चाल से कुष्ठ रोगो का इलाज किया जाता है | दूसरी तरफ नीम की पत्तियों से मुंहासे ( Pimples ) को ख़त्म किया जा सकता है | 

Apr 13, 2016

Skin problem


हमारे जीवन में प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से बेहतर और सुरक्षित कुछ भी नहीं है ख़ास कर जब त्वचा जैसी समस्या हो इस प्रकार के रोगों में हमें इसी प्रकार के जड़ी-बूटियों का सहारा लेना उत्तम होता है -
जोजोबा की पत्‍तियों को पीस कर पावडर बनाएं। फिर उसमें आधा चम्‍मच जोजोबा तेल मिक्‍स करें। इस पेस्‍ट को फोड़े पर लगा कर हल्‍का मसाज करें। जब पेस्‍ट सूख जाए तब इसे रगड़ कर छुड़ा दें। यह हर्ब त्‍वचा के लिये काफी अच्‍छा है-
एक्ने(मुहांसे ) pimples and के लिए आप मुठ्ठीभर नीम की पत्‍तियों neem ki pattiyan को पीस कर पाउडर बना लें फिर उसमें 2 चम्‍मच गुलाबजल मिला कर गाढा पेस्‍ट तैयार करें। इस पेस्‍ट को सीधे तौर पर मुहांसे पर लगाएं। इससे पिंपल के दाग को भी गायब करने में मदद मिलेगी-
नींबू
नींबू का रस थोड़े से चन्दन के साथ मिलकर पेस्ट बना ले और अपने चेहरे पर लगाये इस से दाग धब्बे कम होने लगेगे और त्वचा साफ़ हो जायेगा
गेंदे का फूल जला हुआ घाव, चोट, त्‍वचा संक्रमण और रैश आदि को ठीक करने के लिये जाना जाता है-
हमारे जीवन में प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से बेहतर और सुरक्षित कुछ भी नहीं है ख़ास कर जब त्वचा जैसी समस्या हो इस प्रकार के रोगों में हमें इसी प्रकार के जड़ी-बूटियों का सहारा लेना उत्तम होता है -
जोजोबा की पत्‍तियों को पीस कर पावडर बनाएं। फिर उसमें आधा चम्‍मच जोजोबा तेल मिक्‍स करें। इस पेस्‍ट को फोड़े पर लगा कर हल्‍का मसाज करें। जब पेस्‍ट सूख जाए तब इसे रगड़ कर छुड़ा दें। यह हर्ब त्‍वचा के लिये काफी अच्‍छा है-
एक्ने(मुहांसे ) के लिए आप मुठ्ठीभर नीम की पत्‍तियों को पीस कर पाउडर बना लें फिर उसमें 2 चम्‍मच गुलाबजल मिला कर गाढा पेस्‍ट तैयार करें। इस पेस्‍ट को सीधे तौर पर मुहांसे पर लगाएं। इससे पिंपल के दाग को भी गायब करने में मदद मिलेगी-
गेंदे का फूल जला हुआ घाव, चोट, त्‍वचा संक्रमण और रैश आदि को ठीक करने के लिये जाना जाता है-
एलोवेरा
एलोवेरा को सीधे रैश आदि पर लगा सकती हैं। इससे रैश पर गोलाई में मसाज करें और फिर इसे सूखने दें। त्‍वचा की हर समस्‍या से छुटकारा पाने के लिये इसे रोजाना दो बार लगाएं-
जैतून तेल यह बहुत ही हल्‍का तेल है जो कि त्‍वचा पर आसानी से बैठ जाता है। आपको करना सिर्फ इतना है कि दो जैतून की पत्‍तियों को पेस्‍ट बना लें और उसमें 1 बूंद जैतून तेल मिक्‍स करें। इस पेस्‍ट को अपनी झुर्रियों पर लगाएं। इससे झुर्रियां हल्‍की पड़ जाएंगी-
गुडहल यह फूल और इसकी पत्‍तियां त्‍वचा के लिये काफी अच्‍छी है। इन दोनों का गाढा पेस्‍ट तैयारकरें और ऑयली चेहरे पर लगाएं, जिससे चेहरे पर अत्‍यधिक तेल ना निकले-
पुदीना
पुदीने उस त्‍वचा के लिये अच्‍छा माना जाता है जिस पर गहरे दाग और धब्‍बे हों। इसमें मौजूद गुण त्‍वचा के धब्‍बे हटा कर पोर्स को अंदर से साफ करता है-
एलोवेरा को सीधे रैश आदि पर लगा सकती हैं। इससे रैश पर गोलाई में मसाज करें और फिर इसे सूखने दें। त्‍वचा की हर समस्‍या से छुटकारा पाने के लिये इसे रोजाना दो बार लगाएं-
जैतून तेल
यह बहुत ही हल्‍का तेल है जो कि त्‍वचा पर आसानी से बैठ जाता है। आपको करना सिर्फ इतना है कि दो जैतून की पत्‍तियों को पेस्‍ट बना लें और उसमें 1 बूंद जैतून तेल मिक्‍स करें। इस पेस्‍ट को अपनी झुर्रियों पर लगाएं। इससे झुर्रियां हल्‍की पड़ जाएंगी-
गुडहल
यह फूल flowers और इसकी पत्‍तियां त्‍वचा के लिये काफी अच्‍छी है। इन दोनों का गाढा पेस्‍ट तैयारकरें और ऑयली चेहरे पर लगाएं, जिससे चेहरे पर अत्‍यधिक तेल ना निकले-
पुदीना
पुदीने उस त्‍वचा के लिये अच्‍छा माना जाता है जिस पर गहरे दाग और धब्‍बे हों। इसमें मौजूद गुण त्‍वचा के धब्‍बे हटा कर पोर्स को अंदर से साफ करता है-

Recently upload

Bhimashankar Jyotirlinga : भीमाशंकर क्यों प्रसिद्ध है ? भीमाशंकर मंदिर का निर्माण किसने करवाया ?

अनन्त कोटि के स्वामी भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में ( 12 Jyotirlinga ) , पूरे ब्रह्मांड की शक्ति का वास माना जाता है। पुराणों में शिव की...