महिलाओं में। मासिक धर्म आने पर चिड़चिडा पन पेटदर्द सूजन जीमीचलना जैसी हालात हो जाती है कभी कभी तो चिड़चिड़ा पन के कारण घर में झगड़े भी होने लगते है।
तोआईए आज हम आपको मासिक धर्म में होने बाली परेशानियों के लिए कुछ घरेलू नुस्खे बता राजे हैं।
मासिक धर्म में सबसे अच्छा होगा की आपको अपना ख़्याल रखें।
पेट दर्द होने पर
पेट पर गर्म पानी की बोतल से सिकाई करने से ऐंठन में आराम मिल सकता है।
पैरासिटामाल या एस्प्रिन जैसी कोई गोली ले सकतीं हैं।
सिर दर्द होने पर
पैरासिटामाल या एस्प्रिन जैसी कोई गोली ले सकतीं हैं।
पेट फ़ूलने या सूजन होने पर
मासिक धर्म आने से पहले आप नमक का कम प्रयोग करें
पेट दर्द या पेट से संबधित बिमारियों के लिए अदरक का सेवन आपके लिए फायदे मंद रहेगा।
थकान होने पर
मासिक धर्म के समय आपके लिए दूध बहुत फायदेमंद रहेगा ।
विटामिन युक्त आहार का सेवन करें
आराम करें और कम से कम 8 घंटे सोएँ।
यदि किसी को बहुत अधिक दर्द हो रहा हो और इन सुझावों से मदद न मिले या उन्हें अनियमित मासिक चक्र या अधिक रक्तस्राव जैसी परेशानियाँ हों तो वे नज़दीकी स्वास्थ्य कर्मी से संपर्क कर सकती हैं।
मासिक धर्म में होने वाले अनियमितता एवं उसके आयुर्वेद में उपाचार
यदि आपका मासिक चक्र समय से नहीं आ रहा तो कुछ गड़बड है इसके लिए आपको डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए। आज कल लड़कियो को मासिक धर्म पहले की अपेक्षा कम उम्र में आने लगा है । टेंशन वगैरह सें भी ऐसा होता है परंतु किसी भी तरह मासिक अनियमित हो जाय तो उपचार जरूरी है ।
मासिक धर्म में होने वाले अनियमितता को ठीक करने के आयुर्वेदिक धरेलू उपाय
गुड, अजवाइन का हलवा बनाकर खाने से होने वाले दर्द एवं एकाएक आने वाली मासिक धर्म ठीक हो सकता है।
मासिक दर्द में होने वाली जांघों का दर्द हो तो इन दिनों नीम के पत्ते 5 ग्राम अदरक का रस 10 ग्राम इसमें इतना ही पानी मिलाकर पिये।
अगर मासिक धर्म न आता हो तो दो चम्मच गाजर का बीज एक चम्मच गुड एक गिलास पानी में उबालकर रोज सुबह शाम पिये। 50 ग्राम सोंठ, गुड 30 ग्राम 5 ग्राम कुटी जौ, वायविडंग, 1 गिलास पानी में उबाले काढ़ा बनाऐं। आधाआधा कप, तीनतीन घंटे बाद पियें। रूका हुआ मासिक स्त्राव शुरू हो जायेगा।
दो गिलास पानी में 4 चम्मच राई उबालकर पानी छान लें उससे कपड़ा भिगाकर पेट सेकें। इससे मासिक स्त्राव खुलकर होगा व दर्द भी कम होगा।
नारियल खाने से मासिक धर्म खुलकर होता है।