दूरसंचार कंपनियों को trai ने टैरिफ प्लान में पारदर्शिता लाने के लिए, आदेश दिया था। साल 2019 telecom Company के लिए काफी हलचल भरा रहा। TRAI ने कंपनियों को राहत देते हुए स्पष्ट किया है। की टैरिफ की पारदर्शीता की सीमा 28 नवंबर से बढ़ा कर 23 जनवरी कर दी गई है। टैरिफ की पारदर्शिता होने के बाद यूजर को टैरिफ का चयन करने में आसानी होगी।
आपको बतादें की साल 2019 में भारत दुनिया का सबसे सस्ता दूरसंचार शुल्क वाल देश रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत मे 1GB डेटा की कीमत अगर हम डॉलर में जाने तो 0.26 डॉलर रही है। तो वहीं अन्य देश ब्रिटेन में 6.66डॉलर, अमेरिका 1GB डेटा के लिए 12.37 डॉलर की कीमत चुकाई है।
सरकार की याचिका के बाद हाईकोर्ट ने 24 अक्टूबर को दूरसंचार कंपनियों को पुराना बकाया भुगतान करने के आदेश दिया था। एक रिपार्ट के मुताबिक Airtel को चालू वित्त वर्ष में 74000cr रुपये वहीं वोडाफोन और आईडिया को 50921cr का घाटा हुआ है।
आपको बतादें की साल 2019 में भारत दुनिया का सबसे सस्ता दूरसंचार शुल्क वाल देश रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत मे 1GB डेटा की कीमत अगर हम डॉलर में जाने तो 0.26 डॉलर रही है। तो वहीं अन्य देश ब्रिटेन में 6.66डॉलर, अमेरिका 1GB डेटा के लिए 12.37 डॉलर की कीमत चुकाई है।
सरकार की याचिका के बाद हाईकोर्ट ने 24 अक्टूबर को दूरसंचार कंपनियों को पुराना बकाया भुगतान करने के आदेश दिया था। एक रिपार्ट के मुताबिक Airtel को चालू वित्त वर्ष में 74000cr रुपये वहीं वोडाफोन और आईडिया को 50921cr का घाटा हुआ है।
