देश में कोरोना संक्रमण की रफ़्तार बेकाबू होती जा रही है | बढ़ते covid-19 का संक्रमण और मौतों के आंकड़ों का ग्राफ दिन व् दिन बढ़ोत्तरी की तरफ है | कोरोना संक्रमण की दूसरी बेकाबू लहर ने देश में ऑक्सीजन की कमी ला दी है | इस समय हॉस्पिटल में covid 19 से ग्रसित मरीज को ऑक्सीजन तो छोडो ICU या ऑक्सीजन बेड मिलना मुश्किल हो गए हैं | चारो तरफ ऑक्सीजन की कमी को लेकर त्राहिमाम - त्राहिमाम है |
अब आप सोच रहे होंगे , हम आपको, यह क्यों बता रहे हैं ? हमारा उद्देश्य आपको डरना नहीं वल्कि आपको सुरक्षित करने का है | यह समय ऐसा है कोरोना महामारी का तेजी से फैलता संक्रमण रोकने का नाम नहीं ले रहा है | आज देश के हालत वह हैं, कि कोरोना के मरीज को हॉस्पिटल में भर्ती करने के लिए जगह खाली नहीं है | कोरोना के बढ़ते मरीज और देश में ऑक्सीजन की कमी के बीच सोशल मीडिया पर व्यक्ति की ऑक्सीजन की पूर्ति के लिए कई तरह के घरेलु नुस्खे वायरल हो रहे हैं | मनुष्य के शरीर में ऑक्सीजन लेवल के गिरते स्तर की मात्रा, बढ़ाने के लिए कई तरह के घरेलु नुस्खे के वीडियो वायरल हो रहे हैं | वीडियो में कई तरह के दावा किये जा रहे है | इंटरनेट और चैट प्लेटफार्म पर, गिरते ऑक्सीजन लेवल को बढ़ाने वाले घरेलु नुस्खों को लगातार शेयर किया जा रहा है |
आज इस पोस्ट में उन वायरल वीडियो के बारे में चर्चा करेंगे जिनमें यह दावा किया जा रहा है, कि गिरते ऑक्सीजन लेवल को सही करने के लिए क्या करें ? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कपूर, अजवाइन या कपूर और लौंग की पोटली बार-बार सूंघने से शरीर में ऑक्सीजन लेवल की पूर्ति होती है | तो क्या कपूर लौंग सूंघने से कोरोना वायरस मर जाता है ?
क्या कपूर और अजवाइन सूंघने से ऑक्सीजन लेवल की पूर्ति हो सकती है ?
क्या कपूर , अजवाइन और लौंग से बंद खुल सकती है ?
कपूर, लौंग और अजवाइन सूंघने नुकशान क्या हैं ?
बता दें कि इस देसी नुस्खे का कोई भी वैज्ञानिक आधार नहीं है और इन चीजों का कोरोना वायरस के इलाज से भी कोई लेना-देना नहीं है| अमेरिकी ड्रग रेगुलेटर के अनुशार कपूर का इस्तेमाल 11 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए | दरअसल, कपूर बंद नाक में हवा के रास्ते को साफ नहीं करता, बल्कि ठंड का एहसास करके लोगों को कुछ बेहतर महसूस कराता है | कपूर की ज्यादा मात्रा नुकसान देह भी हो सकती है |


