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Apr 30, 2021

जानिए - क्या कपूर, अजवाइन या लौंग की पोटली सूंघने से बढ़ सकता है ऑक्सीजन लेवल

देश में कोरोना संक्रमण की रफ़्तार बेकाबू होती जा रही है | बढ़ते covid-19 का संक्रमण और मौतों के आंकड़ों का ग्राफ दिन व् दिन बढ़ोत्तरी की तरफ है | कोरोना संक्रमण की दूसरी  बेकाबू लहर ने देश में ऑक्सीजन की कमी ला दी है | इस समय हॉस्पिटल में covid 19 से ग्रसित मरीज को ऑक्सीजन तो छोडो ICU या ऑक्सीजन बेड मिलना मुश्किल हो गए हैं | चारो तरफ ऑक्सीजन की कमी को लेकर त्राहिमाम - त्राहिमाम है | 

    अब आप सोच रहे होंगे , हम आपको, यह क्यों बता रहे हैं ? हमारा उद्देश्य आपको डरना नहीं वल्कि आपको सुरक्षित करने का है | यह समय ऐसा है कोरोना महामारी का तेजी से फैलता संक्रमण रोकने का नाम नहीं ले रहा है  | आज देश के  हालत वह हैं, कि कोरोना के मरीज को हॉस्पिटल में भर्ती करने के लिए जगह खाली नहीं है | कोरोना के बढ़ते मरीज और देश में ऑक्सीजन की कमी के बीच सोशल मीडिया पर व्यक्ति की ऑक्सीजन की पूर्ति के लिए कई तरह के घरेलु नुस्खे वायरल हो रहे हैं | मनुष्य के शरीर में ऑक्सीजन लेवल के गिरते स्तर की मात्रा,  बढ़ाने के लिए कई तरह के घरेलु नुस्खे के वीडियो वायरल हो रहे हैं | वीडियो में कई तरह के दावा किये जा रहे है | इंटरनेट और चैट प्लेटफार्म पर, गिरते ऑक्सीजन लेवल को बढ़ाने वाले घरेलु नुस्खों को लगातार शेयर किया जा रहा है | 

    आज इस पोस्ट में उन वायरल वीडियो के बारे में चर्चा करेंगे जिनमें यह दावा किया जा रहा है, कि  गिरते ऑक्सीजन लेवल को सही करने के लिए क्या करें ? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कपूर, अजवाइन या कपूर और लौंग की पोटली बार-बार सूंघने से शरीर में ऑक्सीजन लेवल की पूर्ति होती है |  तो क्या कपूर लौंग सूंघने से कोरोना वायरस मर जाता है ? 

क्या कपूर और अजवाइन सूंघने से ऑक्सीजन लेवल की पूर्ति हो सकती है ?

Covid 19 के साथ ही, देश में इन दिनों कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए कई तरह के घरेलु नुस्खे के वीडियो और आर्टिकल वायरल हो रहे हैं | जहाँ दावा किया जा रहा है कि , अजवाइन , कपूर और नीलगिरी  का तेल एक पोटली मैं भरकर रखने और उसे बार-बार सूंघने से शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा की पूर्ति होती है| 
    फैक्ट चेक करने के बाद मालूम हुआ की इस तरह का नुस्खा लद्दाक में पर्यटकों को दिया जाता है | पहाड़ों पर ऑक्सीजन की मात्रा कम होने से वहां पर्यटकों को साँस लेने में तकलीफ न हो इसके लिए उन्हें अजवाइन, कपूर, लौंग और नीलगिरि के तेल ( Ajwain, Camphor, Lavang, Eucalyptus Oil ) की कुछ बूंदो की पोटली दी जाती है | इस पोटली को बार-बार सूंघने से शरीर में ऑक्सीजन की पूर्ति बनी रहे | 
Ajwain, Camphor, Lavang, Eucalyptus Oil

क्या कपूर , अजवाइन और लौंग से बंद खुल सकती है ?

सर्दी या जुकाम में बंद नाक खोलने के लिए भी कपूर, लौंग वाला नुस्खा बताया जा रहा है | अजवायन, कपूर, लौंग और नीलगिरी का मिश्रण बंद नाक को खोलने में सहायक है। इस मिश्रण की पोटली को सूंघने से बंद नाक खुल जाते हैं। फेफड़ों की जकड़न कम होती है और ऑक्सीजन लेवल में भी सुधार होता है।

कपूर, लौंग और अजवाइन सूंघने नुकशान क्या हैं ? 

बता दें कि इस देसी नुस्खे का कोई भी वैज्ञानिक आधार नहीं है और इन चीजों का कोरोना वायरस के इलाज से भी कोई लेना-देना नहीं है| अमेरिकी ड्रग रेगुलेटर के अनुशार कपूर का इस्तेमाल 11 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए | दरअसल, कपूर बंद नाक में हवा के रास्ते को साफ नहीं करता, बल्कि ठंड का एहसास करके लोगों को कुछ बेहतर महसूस कराता है | कपूर की ज्यादा मात्रा नुकसान देह भी हो सकती है | 

Note - लेखक इस तरह के नुस्खे का दावा नहीं करता है | फैक्ट चेक के बाद जो हमने देखा वह आपके साथ साझा किया है | 

Apr 29, 2021

रात के समय नीम कौन सी गैस छोड़ता है? नीम बेनिफिट्स

" नीम एक और गुण अनेक " वाली कहावत तो आपने सुनी होगी | नीम घरेलु औषद्धि के रूप उपयोग होने वाला रामबाण है | शरीर में चर्म रोग ( charm rog ka ilaj )  के आलावा इसके छाल और पत्ते से कई तरह के रोगों को दूर ( neem ke fayde in hindi ) किया जाता है | आज इस पोस्ट में आपको  नीम से निकलने वाली गैस के बारे में बताने  वाले हैं  | हमारे पाठकों द्वारा कई बार इस तरह का सवाल पूछा  गया है | खास कर पाठकों के द्वारा पूछा गया कि , नीम रात  समय कौनसी गैस छोड़ता है ? ( Rat ke samay Neem kaunsi Gas Chhodta hai ?  ) इस पोस्ट में  नीम के द्वारा रात दिन छोड़ी जाने वाली गैस और नीम के उपयोग और लाभ के बारे में भी चर्चा करेगें | 

neem ke ped ke fayade kya hain rat ke samay neem kaunsi gas chhodata hai
neem ka ped

नीम से रात के समय कौनसी गैस निकलती है ?

कई बार पाठकों के द्वारा पूछा गया, कि नीम रात के समय कौनसी गैस देता है? पाठकों के पूछने पर हमने पोस्ट के लिए जानकारी इकट्ठी की, तो जानकारी हैरान कर देने और चौकाने वाली थी | इंटरनेट और आयुर्वेद के जानकारों से बात कर मालूम हुआ, कि दिन के समय नीम ऑक्सीजन ( प्राण-वायु ) और रात के समय कार्बनडाई-ऑक्साइड गैस छोड़ता है | 

क्या नीम के नीचे रात के समय सोना चाहिए ? 

हरियाली का मानव जीवन में बहुत महत्त्व है|  हरे पेड़ पौधे ऑक्सीजन तो देते ही हैं, साथ ही घरों की सोभा भी बढ़ाते हैं | ग्रामीण क्षेत्रों के घरों में नीम का पेड़ अक्सर देखने को मिल जाता है | जहाँ रात के समय लोग नीम पेड़ के नीचे सो जाते है | जैसा की आपको पता है, नीम रात के समय कार्बनडाई-ऑक्साइड गैस छोड़ता है, जो हमारे स्वस्थ  लिए हानिकारक है | अतः रात के समय नीम के पेड़ के नीचे नहीं सोना चाहिए | 

नीम का उपयोग वास्तु दोष मैं 

नीम का उपयोग  चिकित्सा के लिए तो किया जाता ही है , साथ ही आपको बतादें की नीम का पौधा घर पर लगाना भी शुभ माना जाता है | नीम के पेड़ में देवी और देवताओं का वास माना जाता है | इसकी  पूजा करने से शनि की कुद्रष्टि से बचा जा सकता है | नीम के पेड़  की पूजा करने और नीम की माला पहने से शनिदेव की कृपा बनी रहती है | पुराणों के अनुशार नीम के पौधे का उपयोग चिकित्सा के लिए युगों-युगों से किया जाता रहा है | इस पौधे पर  बजरंगवली और माँ दुर्गा का वास भी माना जाता है |
    वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के दक्षिण भाग में नीम का पेड़ लगाने से , स्वास्थ्य पर अनुकूल प्रभाव होता है। नीम के पेड़ पर दैवी शक्तियों का वास माना जाता है। नीम के पौधे लगाने से पितरों की भी कृपा प्राप्त होती है, इससे पितृ दोष का प्रभाव दूर होता है 

नीम का उपयोग चिकित्सा में - 

नीम का उपयोग त्वचा के लिए 

 नीम का औषधि के रूप में उपयोग बहुत ही फायदेमंद है | नीम के फल , फूल , छाल और पत्तियाँ सभी औषद्धिक रूप में उपयोग किये जाते हैं |  त्वचा संबंधित बिकार के लिए  नीम की पत्तियों को गरम पानी में उबालकर नहाने से त्वचा से सम्बंधित रोगों में राहत मिलती है | 

यह भी पढ़े - 

खून साफ करने में 

मनुष्य के खून में कई तरह के विकार उत्पन्न होने के बाद, कई तरह की बीमारी पैदा होती हैं |  रक्त साफ करने के लिए नीम की हरी नई पत्तियों का रस निकाल कर पीने से रक्त साफ़ होता है | 

        नीम का उपयोग कई तरह की बीमारियों को दूर करने के लिए किया जाता है | नीम तेल और चाल से कुष्ठ रोगो का इलाज किया जाता है | दूसरी तरफ नीम की पत्तियों से मुंहासे ( Pimples ) को ख़त्म किया जा सकता है | 

Apr 8, 2020

बीमारियों से लड़ने के लिए, कैसे बढ़ाएं अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता?

हमारा शरीर बाहरी जीवाणु के हमले झेलता रहता है | कई वायरस आपके जीवन शेली पर प्रभाव डालने की कोशिश करते हैं | इन्ही वायरस के आक्रमण की वजह से आप बीमारी का शिकार हो जाते हैं |  वायरस के आक्रमण और रोगों से आपको दूर रखने के लिए आपकी  रोग प्रतिरोधक क्षमता आपका साथ देती है | जो आपको बीमारियों से लड़ने की शक्ति प्रदान करती है | 
gharelu upay

फ़िलहाल देश कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रहा है| ऐसे में आयुष मंत्रालय ने रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने के लिए कुछ उपाय बताये है | आयुष मंत्रालय से स्पष्ट किया है | कि ये केवल रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ने के लिए है | नाकि की किसी रोग की दवा | आयुष मंत्रालय के द्वारा कुछ साधारण से उपाय करके रोगों से बचा जा सकता है | 

रोग प्रतिरोधक बढाने के घरेलु उपाय 

  • प्रतिदिन सुबह उठकर प्राणायाम करे| सुबह प्राणायाम करने से आपकी Immunity power बढ़ती है | 
  • आपके शरीर को एनर्जी देने के लिए और रोगों से बचने के लिए सुबह एक चम्मच च्यवनप्राश खाएं 
  •  दिन में गर्म पानी पियें, अगर आप चाय के शौक़ीन हैं तो हर्वल चाय पियें|
  • अदरक,तुलसी,नीबू के जूस का काढ़ा और काली मिर्च का सेवन करें|
  • हल्दी हर मर्ज की दवा है| हल्दी दूध को गर्म कर दिन में एक बार पियें |
  • रात को सोने से पहले नाक में घी लगायें | घी की सुगंद आपके दिमाग को हल्का करती है|  
  • यदि आपको खांसी या गले में ख़राब की समस्या है तो आपको लोंग के पाउडर को शहद में मिलाकर खाएं या अजवाइन के पानी की भाप लें | 

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