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Jun 21, 2020

Covid 19 medicine Favipiravir : क्या कोरोना वायरस का इलाज Glenmark की Febiflu से होना सम्भव........

Glenmark  Pharmaceutical की Favipiravir Medicine 
Covid 19 की दवा Favipiravir Medicine से ईलाज 
फेबिफ्लू दवा कीमत मात्र 103 रूपये ( Febiflu Medicine price 103 )

विश्व फैला कोरोना वायरस संक्रमण अब तक लाखों लोगों की जान ले चुका है | आपको बतादें की चीनी वायरस, चीन ही नहीं अपितु पुरे विश्व को अपनी चपेट में ले चुका है | दुनिया का ऐसा कोई देश नहीं है, जहाँ Corona Virus का संक्रमण न फैला हो | हर एक देश CoronaVirus के संक्रमण को तोड़ने के लिए हर सम्भव प्रयास करने की कोशिस कर रहा है | अभी तक दुनिया में किसी भी देश के पास Coronavirus की Vaccine नहीं है | संक्रमण से निजात पाने के लिए सभी देशों सरकारों के द्वारा Covid 19 Vaccine की खोज पर लगातार रिसर्च किये जा रहे हैं | लेकिन अभी तक किसी भी देश को Coronavirus की Vaccine खोजने में सफलता नहीं मिली है|
Covid 19 medicine Fevipiravir Febiflue
Glenmark,s Medicine Favipiravir 

कोरोना वायरस के संक्रमण के मरीजों में संक्रमण की रफ़्तार रोकने के लिए Glenmark Pharmaceuticals ने एंटीवायरल दवा को बाज़ार में लांच कर दिया है | Glenmark Pharmaceutical की दवा ( medicine ) Favipiravir को भारतीय औषधि महानियांत्रिक ( DCGI ) की अनुमति के बाद febiflue medicine ब्रांड के नाम से बाजर में उपलब्ध कराया जा रहा है | 


  • प्लाज्मा थैरेपी कोरोना राक्षस को मारने का रामबाण ईलाज

  • क्या है Favipiravir Medicine ? 

    Favipiravir Medicine को भारत में Febiflu के नाम से Corona Virus की रोकथाम के लिए प्रयोग की जाएगी | दरसल आपको बतादें की फेविपिरवीर दवा ( Favipiravir Medicine ) चीन और जापान जैसे पूर्वी देशों में इन्फ्लूएंजा के मरीजों को एंटीवायरल दवा के रूप में पहले से दी जाती है | कुछ रिपोर्ट के मुताबिक Favipirvir medicine का उपयोग अन्य वायरल संक्रमण के ईलाज के लिए भी किया जाता है | Coronavirus स्टडी में इस दवा केअसर का खुलासा होने के बाद दाबा किया जा रहा है, कि Favipiravir Medicine से Coronavirus का इलाज संभव हो सकता है | आइये जानते हैं Favipiravir दवा कैसे काम करती है ?

    कैसे काम करती है?  Favipiravir दवा 

    what is Covid 19 medicine Favipiravir price and farmula
    Febiflu Tavlets 200 mg price
    चीन में Coronavirus के दौरान फरबरी के महीने में इस दवा को लेकर लगातार शोध किये जाने की खबरें सामने आ रही थीं | कुछ विशेषज्ञों के द्वारा शोध के दौरान Favipiravir दवा अन्य दवाओं की अपेक्षा संक्रमण की रोकधाम में तेजी से असर कारक दिखी | संक्रमण से प्रभावित लोगों के सिटीस्कैन में भी काफी सुधार दिखे साथ ही लोगों को भी लगा की कोरोना संक्रमण से स्वस्थ होते दिख रहे हैं | 

    कोरोना वायरस का कैसे किया जायेगा ईलाज ?

    DCGI की अनुमति मिलने के बाद Febiflu नाम से भारत में लॉच होने वाली Favipiravir दवा के ईलाज को लेकर लगातार काम किया जा रहा है |  DCGI की ओर से फेबिफ्लू दवा ( febiflue medicine ) 14 दिन के कोर्स को कहा गया है | मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक Febiflu दवा परिक्षण के लिए पहले 1000 Covid 19 मरीजों की स्थिति पर निगरानी की जाएगी | देश के 10 प्रमुख सरकारी और निजी अस्पतालों में रोगियों के परिक्षण का आयोजन कर सकता है | 

    संक्रमण की दवा फेबिफ्लू की कीमत क्या है ?

    विषाणु रोधी दावा Fevipiravir Medicine को लेकर देश भर में चर्चाओं का बाज़ार गर्म है | देश में कोरोना के संक्रमण पर काबू पाने के लिए ग्लेनमार्क कंपनी के द्वारा लॉच फेबिफ्लू दवा  ( febiflue medicine )  नाम से इस दवा को लेकर नई-नई बातें सामने आ रही हैं | आपकी जानकारी के लिए बतादें की febiflue medicine से उन लोगों का इलाज संभव है जो मामूली संक्रमण से परेशान हैं | वहीँ इस दवा की प्राइस के बारे में बात करें तो Febiflue की एक टेबलेट की कीमत 103 रुपये हो सकती है | कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक Febiflue दवा को भारत में बेचने की अनुमति DCGI के द्वारा दी जा चुकी है | 

    Jun 14, 2020

    कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक मंगलग्रह से आने वाली यह महामारी | पृथ्वी पर आने वाला है पैथागोंस

    चीनी कोरोना वायरस ने दुनिया को मौत की ओर धकेल दिया है | इस समय Covid 19 महामारी से लाखों लोग अपनी जान गवां चुके है | जो शहर और घर गुलजार हुआ करते थे | आज वहां कोरोना ने न भुलाने वाला दर्द दिया है | विश्व को अपनी चपेट में लेने वाले कोरोना वायरस से अभी विश्व जंग लड़ रहा है | लेकिन अभी तक कोई भी देश कोरोना वायरस का तोड़ नहीं ढूंढ सका है | अभी कोरोना का दर्द कम नहीं हुआ और धरती पर नासा ( NASA )   के द्वारा मंगल ग्रह से कुछ सैम्पल लाने तैयारी है | जिनके रिलीज होने की बजह से धरती पर कोरोना से भी लाख गुना ज्यादा खतरनाक महामरी फैलने के चांस हो सकते हैं | जी हाँ ख़बरों के अनुशार अगर ये सैम्पल धोके से भी रिलीज हो जाते हैं, तो पृथ्वी को एक और खतरनाक महामारी का सामना करना पड़ सकता है | जो Covid 19 से भी ज्यादा खतरनाक होगी |

    Mars Sample

    मंगल ग्रह से आने वाले सैंपल में क्या है ?

    एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जल्द ही नासा ( NASA ) मंगल ग्रह ( Mars ) से कुछ सैम्पल धरती पर लाने वाला है | जिन सेम्पल को नासा पृथ्वी ( Earth) पर लाने वाला है, उसमें खतरनाक पैथागोंस ( Pathogens virus ) के होने की संभावना है | मीडिया में दिए गए एक इंटरव्यू के बाद पृथ्वी पर लाये जाने वाले मंगल के सैंपल में  पैथागोंस को लेकर विशेषज्ञों के द्वारा बड़ा बयान दिया गया है |                                 यूनिवर्सिटी ऑफ़ बंकिघम के प्रोफेसर डॉ. बैरी डीग्रेगोरियो ने नासा से, मंगल ग्रह से धरती पर सैम्पल न लाने की अपील की है | उन्होंने मंगल ग्रह से आने वाले इस सेम्पल की चाँद पर जाँच करने की सलाह दी है | डॉ. बैरी के अनुशार अगर मंगल ग्रह से आने वाले इस सैंपल का एक कण भी गलती से कहीं छुट जाता है तो उसके संक्रमण को रोकना नामुमकिन होगा | 
                    नासा ने डॉ. बैरी की इस बात को दरकिनार कर दिया है | नासा ने साफ किया है, कि वह मंगल ग्रह के सैंपल पृथ्वी पर लायेगा | नासा के द्वारा धरती  पर आने वाले मंगल ग्रह के सैंपल को लेकर पूरी तैयारी कर ली हैं | नासा का कहना है, इन सैंपल को लेकर पूरी सावधानी बरती जाएगी | 

    मंगल ग्रह के सैंपल की जाँच कहाँ की जाएगी ?

    नासा के द्वारा मंगल ग्रह ( Mars ) से लाने वाले सेम्पल को लेकर सावधानी बरती जा रही है | नासा ( NASA )  मंगल ग्रह से आने वाले सैम्पल की जाँच स्टेट ऑफ़ द आर्ट लेबोरेटरीज में करेगा | जहाँ पूरी सावधानी का ख्याल रखा जायेगा | NASA के अनुशार 2030 तक इन्सान को मंगल ग्रह पर भेजनी की तैयारी जुटा है | 
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    May 15, 2020

    Corona virus से आजाद होने वाला Europe का पहला देश बना Slovenia

    विश्व में तबाई मचाने वाला कोरोना वायरस ( Covid 19 ) से कोई देश वाकी नहीं बचा है | दुनिया के सारे देश इस समय corona virus को मात देने में लगे हैं | हम यहाँ आपको मौत के और संक्रमण के आंकड़े नहीं बताएँगे | आप सोच रहे होंगे ऐसा क्यों तो आपको बतादें कि बार बार संक्रमण आंकड़ा और मृत्यु दर आंकड़ा बताने से दिल भर गया है | दूसरी बात यहाँ हम अभी एक पॉजिटिव बिंदु पर बात कर रहे हैं | हम ये भी जानते हैं कि इस समय कोरोना के आंकडें आप से छुपे नहीं हैं | 
    slovenian
    Coronavirus Epidemic से खुद को आजाद करने वाल Slovenia, Europe Country का पहला देश बन गया है | क्या आपको पता है? कोरोना वायरस महामारी  ( Coronavirus Epidemic ) ने सबसे ज्यादा यूरोप देशों को ही प्रभावित किया है | यूरोप में इन्फेक्शन्स और मरने वालों के आंकड़े सबसे ज्यादा हैं | ऐसे में जब पूरा यूरोप दर्द से खरा रहा है| और स्लोवेनिया ने अपने आप को कोरोना से मुक्त की घोषणा कर lockdwon को हटा दिया है |

    दरसल स्लोवेनिया Europe का छोटा देश है | यहाँ की कुल अवादी 20 लाख के करीब है| ऐसा नहीं है की यहाँ कोरोना संक्रमण का एक भी मरीज नहीं है | स्लोवेनिया में कोरोना संक्रमण की संख्या 1464 और मृतकों की संख्या 103 हो चुकीं है | यहाँ 12 मार्च को महामरी घोषित कर lockdown कर दिया था | अब यहाँ की स्थिति को देखा जाये तो यूरोप में सबसे अच्छी है | पिछले कुछ दिनों में यहाँ कोरोना संक्रमण के 7 से भी कम केस मिले हैं | 

    क्या रखनी है सावधानी 

    गुरुबार को स्लोवेनिया के प्रधानमंत्री जैनेज जनस ने गुरुवार को संसद में बताया की दो महीने में हमने कोरोना पर काबू  लिया है| अब स्थिति बेह्हतर हुई है | 
    दरसल यहाँ लोगों को मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा | बहार से आये लोगों को क्वारंटाइन का समय पूरा करना होगा | अगर कोरोना संक्रमण के लक्षण हैं | तो देश में आने की अनुमति नहीं होगी | 

    May 3, 2020

    ताली, थाली और अब फूल की बारी | कोरोना योद्धाओं सम्मान में आसमान से फूल बर्षा |

    • सेना के द्वारा असमान की फूल बर्षा
    • तीनों सेनाओं के द्वारा कोरोना योद्धाओं का सम्मान 
    • कोरोना योद्धाओं के सम्मान में उद्द्पोतों से होगी रोशनी +
    indian air frorce and flower
    Indian Air Force
    देश में लगातार बढ़  रहे कोरोना संकट के दौरान, अपने परिवार को छोड़ देश की सेवा में लगे डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मी और पुलिस कर्मियों के सम्मान में देश में पहले भी कई तरीके से किया जा चूका है| देश में मुसीबत के दौरान अपने फर्ज को अदा कर रहे सभी योद्धों का सम्मान और उनका होसला बढ़ाने के लिए पहले भी जनता के द्वारा ताली,थाली और रौशनी की गई | इसी कड़ी में कोरोना योद्धाओं के सम्मान में देश की सेना ने आसमान से फूल बरसाये
                   देश के CDF ( Cheef of Defence Staff ) विपिन रावत ने बताया था की तीनों सेनाएं कोरोना योद्धाओं के सम्मान में आज कार्यक्रम  करेंगी | भारतीय एयर फाॅर्स ने योद्धाओं के सम्मान में फूल बर्षा कर जज्बे को सलाम किया| साथ ही नौसेना  युद्धपोतों के द्वारा तटीय इलाकों में शाम के समय रौशनी की जाएगी | 


    May 2, 2020

    Shramik special train , Lockdown के दौरान पहली बार स्पेशल ट्रेन सेवा 9 राज्य ,11 शहर और 7 ट्रेन

    कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप और Lockdown के बीच दूसरे राज्यों में फसे मजदूरों और छात्रों के लिए केंद्र सरकार की गाइड लाइन के बाद 11 शहरों में स्पेशल ट्रेन सेवा को भाल कर दिया है |  ये ट्रेन मजदूरों और छात्रों को उनके राज्य शहर तक ले जाएँगी | हम आपको इस पोस्ट में केंद्र सरकार की गाइड लाइन , शहरों के नाम और किराये को लेकर चर्चा  करेंगे |
                          दरसल कोरोना महामरी की चैन को तोड़ने के लिए केंद्र सरकार के द्वारा Lockdown को 17 May यानि 14 दिन के लिए और बढ़ा दिया हैं| lockdown के बढ़ने के साथ ही केंद्र सरकार ने दूसरे राज्यों में फसे लोगों के निकालने के लिए कुछ स्पेशल ट्रेन सेवाओं को भाल कर दिया है | मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 7 स्पेशल ट्रेन 9 राज्यों के बीच चलाई जा रही हैं |

    क्या यात्रियों को टिकट खरीदना पड़ेगा 

    आपको बतादें के कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक टिकट और भोजन का पैसा प्रदेश सरकार भुगतान कर रहीं हैं | बताया जा रहा की प्रवासी मजदूरों और छात्रों को उनके प्रदेश तक पहुँचने का किराया रेलवे प्रदेश सरकार से वसूल करेगी | दरअसल रेलवे ने स्पष्ट कर दिया की यात्रीयों को, अपने पास से कुछ भी खरीदने की जरूरत नहीं है | यहाँ तक कि भोजन के पैकेट और यात्रा टिकिट |
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    जाने से पहले आपको रखना होगा ये ध्यान 

    ' श्रमिक स्पेशल  ट्रेन ' के चलने के बाद मजदूरों के बीच खुसी दिखी | घर जाने की वापसी से मजदूरों के चेहरों पर मुस्कान मौजूद है | लेकिन आपको बतादें घर वापस जाने पहले आपको सोशल डिस्टेसिंग , मुहं पर मास्क के साथ ही सेनेटैजर रखना जरुरी होगा| यात्रा के दौरान सोशल दूरी बनाये रखना आवश्यक है | स्टेशनों पर की जा रही स्क्रीनिंग में सहयोग आपकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए |

    छ: Shramik Special Train हुई रबाना

    केंद्र सरकार की गाइड लाइन को ध्यान में रखते रेल मंत्रालय ने शुक्रबार को छ: ' श्रमिक स्पेशल ट्रेन ' को मजदूरों को लेकर अपने गंतव्य के लिए रवाना की गई |
    1. जयपुर ( राजस्थान ) से पटना ( बिहार )
    2. कोटा ( राजस्थान ) से हटिया ( झारखंड )
    3. नासिक ( महाराष्ट्र ) से लखनऊ ( उत्तरप्रदेश )
    4. नासिक ( महाराष्ट्र ) से भोपाल ( मध्य प्रदेश )
    5. लिंगम्पल्ली ( तेलंगाना ) से हटिया ( झारखंड )
    6. अलुवा ( केरल ) से भुवनेश्वर ( ओडिशा )

    घर वापसी के बाद क्वारंटाइन

    घर वापसी के समय जब आप अपने गंतव्य स्टेशन तक पहुँच जायंगे उसके बाद आपको केंद्र सरकार की गाइड लाइन को फॉलो करना होगा | स्टेशन पर आपको कोरोना स्क्रीनिंग से करना अनिवार्य रहेगा | अगर आपके अंदर कोरोना संक्रमण के लक्षण नहीं मिलते हैं तो आपको घर भेज दिया जायेगा जहाँ आपको 14 दिन का क्वारंटाइन पूरा करना होगा |

    Apr 19, 2020

    कम मेडिकल सुविधा होने के बाद भी, कोरोना वायरस को मात दे रहा यह देश |



    bhutane coronavirus update
    Bhutan Gate 

    इस समय दुनिया कोरोना महामारी के आगे घुटने टेक चुकी | वहीँ प्रिंट मिडिया और इलेक्ट्रॉनिक मिडिया पर पुरे दिन कोरोना वायरस या covid 19 ही दिखया जा रहा है | सुबह से लेकर शाम तक  कोरोना पर डिबेट चलते रहते हैं | कोरोना वायरस ने इतने लोगों की जान गई कोरोना से इतने लोग संक्रमित हुए | मीडिया करे भी क्यों नहीं क्योकिं दुनिया का प्रमुख मुद्दा इस समय कोरोना वायरस ही है | लेकिन कुछ मद्दे ऐसे भी हैं जिनपर डिबेट होना जरुरी है | भारत में covid 19 के  धीरे धीरे केस बढ़ रहें है या हमारे देश में covid19 के टेस्ट कम हो रहे हैं |  देश में कोरोना महामारी को रोकने के लिए मुख्य हथियार सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कोरोना की स्क्रीनिग भी है | फ़िलहाल देश में कोरोना की स्क्रीनिंग बढाने की जरुरत है | हालाँकि प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रेल को जनता को संबोंधित करते हुए देश में मेडिकल सुबिधाओं के बारे में भी बताया था |

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    हम आपको एक ऐसे देश के बारे में बतायेंगें जहाँ कम मेडिकल सुविधा होने के बाद भी कोरोना संक्रमण पर जीत हासिल कर रहा है |

    जी हाँ आज आपको इसे देश के बारे में बता रहे हैं जो विश्व की सबसे छोटी अर्थव्यवस्था में से एक है | जिसका आर्थिक ढांचा कृषि , वन क्षेत्र पनबिजली है|  यहाँ मेडिकल की सुबिधायें भी बहुत कम हैं लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि इतनी कम मेडिकल सुबिधाये होने के बावजूद भी कोरोनावायरस को मात देने में सक्षम है |

    आपको बताने से पहले एक रहीम का दोहा याद आ गया |
    "समय लाभ सम लाभ नहिं, समय चूक सम चूक
    चतुरन चित रहिमन लगी, समय चूक की हूक"

    आपको बतादें की भूटान, कोरोना वायरस को जन्म देने वाले चीन की सीमा से सटा हुआ  है | चीन की राजधानी बीजिंग से भूटान की राजधानी थिम्फू 2829 किलोमीटर है| दूसरी तरफ भारत और भूटान की सीमा भी एक दुसरे मिलती हैं | एक सवाल आपके मन में उठा रहा होगा की चीन के इतने पास होते हुए भी भूटान कोरोना से कम प्रभावित क्यों हुआ | इसका एक ही उत्तर है की समय रहते भूटान ने अपने यहाँ तैयारी शुरू कर दीं 5 March को भूटान में पहला केस, 20 मार्च को कोरना संक्रमण का दूसरा केस सामने आया दूसरा  केस
    23 march मार्च को भूटान ने दुनिया से नाता तोड़ लिया, भूटान ने हवाई परिवहन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंद लगा दिया | वहीँ 30 मार्च को क्वारंटाइन का समय बढ़ाकर 14 दिन की जगह 21 दिन कर दिया |

    और समय से  चीन में फंसे नागरिकों को भूटान में ला सका | वहीँ दूसरी तरफ चीन में आने जाने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया | दूसरी तरफ भूटान में कुल आवादी के हिसाब से देखा जाए तो कोरोना स्क्रीनिंग पर भी तेजी से काम किया | लेकिन कुह विशेज्ञ यह भी मानते हैं की कि कोरोना संक्रमण रोकने का मुख्य कारण यहाँ की जनसख्या घनत्व का भी कम होना है |

    इस समय दुनिया में देखा जाये तो भूटान संक्रमण के केसों की संख्या न मात्र है | विडियो बनाये जाने के तक भूटान में 5 संक्रमण के केस मिले हैं | वहीँ 2 संक्रमण केस  किये जा चुके हैं | मौतों के आंकड़ों की बात करें तो भूटान में अभी तक कोरोना संक्रमण से कोई जनहानि नहीं हुई है |



    Apr 15, 2020

    Coronavirus update - WHO Funding पर अमेरिका की रोक, पारदर्शिता न करने का आरोप

    who funding cut by tramp

    Covid19 ने वैसे तो समूचे विश्व में तबाही मचा हुई है | विश्व भर में Coronavirus संक्रमण के 77274 नए केसों को जोड़कर देखा जाये तो 1848439 कंफ़र्म केस हो चुके हैं वहीँ दूसरी तरफ 21972 लोग कोरोना संक्रमण की बजह से अपनी जान गवां चुके हैं | अगर सबसे ज्यादा आंकड़े देखे जाएँ तो वह अमेरिका में  है | अमेरिका में अब तक 553822 कोरोना संक्रमण के केस हो चुके हैं | USA में 29208 नए केस सामने आये है | 
           दरसल कोरोना वायरस महामारी के पीछे चीन का हाथ है | दुनिया या बात भली भांति जानती है की चीन ने coronavirus को दुनिया से छिपाया  था | वहीँ दूसरी तरफ चीन अपने यहाँ मरने वालों और संक्रमण के केसों के सही आंकड़े भी दुनिया के सामने नहीं दिए | ऐसे में विश्व में फैली इस महामारी का जिम्मेदार चीन ही है | चीन दुनिया के सामने अपनी गलती को मानाने को तैयार नहीं है | और दूसरी तरफ WHO ( World Helth Organegetion ) चीन की तरफदारी में लगा रहा और दुनिया के सामने पारदर्शित नहीं बरती | 

    क्या आपको यह पढना चाहिए -


        दुनिया के सामने WHO की पारदर्शिता न वरतने के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'विश्व स्वास्थ्य संघठन' ( WHO ) की फंडिग पर रोक लगा दी है | ट्रंप ने WHO के द्वारा चीन की मदद के लिए उठाये कदमों को लेकर यह फैसला किया | आपको बतादें की पिछले कई सालों अमेरिका WHO को सबसे ज्यादा फंडिंग देता है | 

    अमेरिका WHO को कितनी फंडिंग देता है -

    वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन दुनिया भर में स्वास्थ्य सम्बन्धी क्षेत्र को लेकर काम करता है | दुनिया के लगभग सभी देश WHO को फंडिंग देते हैं | एक शीधे तौर पर बात की जाये तो WHO विश्व में फैलने वाले रोग और उनके आंकड़ों में पारदर्शिता के लिए काम करता है| अमेरिका, जापान,रूस ,चीन, इटली और भारत के आलावा अन्य देश भी इसे फंडिंग देते हैं | पिछले कुछ बर्ष की बात करें तो अमेरिका लगभग 15% ( कुल फंडिंग ) का WHO को देता है | बर्ष 2019 में अमेरिका ने WHO को 400 मिलियन डॉलर भारतीय मुद्रा का करीबन 2800 करोड़ रुपये का आसपास फंडिंग दिया था | 


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